Friday, 21 June 2019

मोबाइल फ़ोन चोरी होने की टेंशन नहीं , चोर खुद आपको दे जायेगा आपका मोबाइल

 



दोस्तों हम सब रोज़ाना मोबाइल फ़ोन इस्तेमाल करते है।  और अगर हमारा मोबाइल फ़ोन चोरी हो जाये तोह उसको ढूंढने में हमको काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। 

पहले पुलिस में FIR दर्ज करनी पड़ती है , और फिर भी मोबाइल फ़ोन नही मिल पता। लेकिन अब अगर आपका मोबाइल फ़ोन चोरी हो जाता है तोह वह आपको बड़े आसानी से मिल जायेगा, उसको ढूंढने में आपको ज़्यादा परेशानी नहीं  होगी।  

दरअशल देश भर में बड़े  पैमाने पर मोबाइल फ़ोन की चोरी पर रोक लगाने के लिए मोदी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. Dursanchar Mantralay जल्द ही Central Equipment Identity Registrar यानि CEIR की शुरुआत करने जा रही है.

[आप ये न्यूज़  www.Thenewswale.com पर पढ़ रहे है]

इस रजिस्ट्रार में देश के सभी मोबाइल और फीचर्स फ़ोन का 15 डिजिट का यूनिक No International Mobile Equipment Identity  यानि IMEI भी दर्ज होगा.  किसीभी मोबाइल फ़ोन का चोरी होने पर IMEI नो से मोबाइल की स्थिति जानी जा सकती है.

अभीतक मोबाइल फ़ोन के चोरी होने पर पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई जाती थी,  ज़्यादातर मामले में पुलिस शिकायत दर्ज करके बैठ जाती थी और चोरी हुए मोबाइल मिल नहीं पाती.  इस मुश्किल से छुटकारा पाने के लिए दूरसंचार मंत्रालय ने ये कोसिस की है.


इसके तहत मोबाइल चोरी होने पर आप पुलिस में शिकायत दर्ज करनेके बाद Department of Telecommunications में एक हेल्प लाइन Number के ज़रिये शिकायत दर्ज करा सकते है. इसके बाद DOT आपके  IMEI  Number को ब्लैकलिस्ट करदेगा.

इसके बाद मोबाइल किसीभी टेलीकॉम नेटवर्क को एक्सेस नहीं कर पायेगा, फिर पुलिस आपके बांध पड़े मोबाइल को ट्रेस कर पायेगी . TRAI की आकड़ो के मुताबिक 2019 तक देश में 116 Crores मोबाइल यूजर है.

DOT ने CEIR प्रोजेक्ट की शुरुआत 2017 में की थी, महाराष्ट्र में इसकी ट्रायल की थी , ट्रायल में ये प्रोजेक्ट कामयाब रहा. इश्के बाद इसको राष्ट्रीय स्तर पर  लागु करने की प्रक्रिया चल रही है.

मोबाइल चोरी होने से न केबल आर्थिक नुकसान होती है ,  वल्कि किसी ब्यक्ति की निजी जीबन और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकती है।  Duplicate IMEI  No  से चलने वाले मोबाइल फोन्स आस पास एक्टिव रहते है, और इनकी पहचान नहीं हो पाती. इस प्रोजेक्ट को शुरू करनेका असली मकसद मोबाइल फ़ोन की चोरी को रोकना है.

IMEI No  को ब्लैकलिस्ट करनेके बाद मोबाइल काम करनेके लायक नहीं बचेगा. इस डेटाबेस की मदत से सुरक्षा एजेंसी चोरी हुए मोबाइल को आसानी से ढूंढ सकेगी। 

तोह आब देखना होगा कि इस प्रोजेक्ट के अनेके बाद मोबाइल फ़ोन की चोरी किस हद तक रुक पाती है।  


1 comment:

  1. Although mobile will be no use of thief but why he will return mobile to its owner. He may throw it on any place.

    In police station TI never write report of Mobile theft. They always refuse and force to public for writing report of missing mobile.

    Usually thief like to sell immediate mobile to nearest Mobile Center and their expert crack possword immediate.

    So there is no relax for mobile owner ...

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